दुनिया का एक मुल्क इन दिनों इतिहास के विद्रोह की सबसे बड़ी आग में धधक रहा है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद यह विद्रोह और धधक उठा है। फ्रांस में पिछले 3 महीने से पेंशन बिल के खिलाफ जनता का जबरदस्त प्रदर्शन हो रहा है। फ्रांस में पेंशन बिल को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल गई है और इसके बाद फ्रांस के 200 शहरों में एक साथ प्रदर्शन हुए हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि मैक्रों का यह फैसला उनके राजनीतिक कैरियर के लिए एक बुरा सपना साबित होगा या फिर फ्रांस में हालात सामान्य हो जाएंगे। फ्रांस 3 महीने से जल रहा है।
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फ्रांस के इतिहास में इतना बड़ा विद्रोह पहले कभी नहीं हुआ। जिस देश के बारे में कहा जाता है कि उसका सूरज कभी अस्त नहीं होता, आज उस मुल्क का मुस्तकबिल अंधकार में नजर आ रहा है। पेंशन बिल के खिलाफ फ्रांस में ऐसा विद्रोह जारी है कि जिसने पूरे फ्रेंच सिस्टम से लेकर एडमिनिस्ट्रेशन को हिला कर रख दिया है। जैसे ही फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने सरकार के रिटायरमेंट बिल बढ़ाने वाले फैसले को मंजूरी दी। फ्रांस में विद्रोह की आग एक बार फिर धधक उठी। पेरिस में सड़कों पर जगह-जगह आगजनी की तस्वीरें सामने आई। एक शहर में भीड़ ने पुलिस स्टेशन को ही फूंक डाला।
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फ्रांस में ऐतिहासिक विद्रोह
कोर्ट के फैसले के बाद पेरिस समेत 200 शहरों में हिंसा बढ़ गई। रेनन्स शहर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी। पेरिस में पुलिस ने 112 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। पेरिस सिटी हॉल के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई। गुस्साई भीड़ ने बैस्टल स्क्वायर के बाहर आगजनी की।