विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत बिना दस्तावेज वाले भारतीय प्रवासियों की उनके गृह देश में वैध वापसी के लिए हमेशा खुला रहा है। एस जयशंकर ने यह भी कहा कि सरकार अभी भी अमेरिका से उन लोगों की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है जिन्हें भारत भेजा जा सकता है और उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी तक कोई संख्या निर्धारित नहीं की है। एक सरकार के रूप में, हम स्पष्ट रूप से कानूनी गतिशीलता के बहुत समर्थक हैं क्योंकि हम वैश्विक कार्यस्थल में विश्वास करते हैं। हम चाहते हैं कि भारतीय प्रतिभा और भारतीय कौशल को वैश्विक स्तर पर अधिकतम अवसर मिले।
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जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा हम अवैध गतिशीलता और अवैध प्रवासन का भी दृढ़ता से विरोध करते हैं। मंत्री उन खबरों के बारे में पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि भारत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के साथ मिलकर अमेरिका में लगभग 1,80,000 भारतीयों की वापसी पर काम कर रहा है, जिनके पास या तो कोई दस्तावेज नहीं है या वे अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रह रहे हैं।
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जयशंकर ने कहा कि उन्होंने इस बारे में विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वीजा प्राप्त करने में 400-दिनों की प्रतीक्षा अवधि लगती है, तो मुझे नहीं लगता कि इससे संबंध अच्छे होंगे। उन्होंने (रूबियो ने) भी इस बिंदु पर ध्यान दिया।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘मैंने आंकड़े देखे हैं… हमारे लिए यह महज आंकड़ा नहीं है। यह तभी प्रभावी होगा जब हम वास्तव में इस तथ्य को सत्यापित कर सकें कि संबंधित व्यक्ति भारतीय मूल का है।